दिल पे छोड़े ज़ख्म बहुत है

दिल पे छोड़े ज़ख्म बहुत है

करते रहे मिन्नतें हाथ होदे बहुत है,
फिर भी उसने मेरे ही सपने तोड़े बहुत है,

उसी के लिए मांगता है दिल दुआएं,
जिसने इस दिल पे छोड़े ज़ख्म बहुत है…!!!

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