ये कैसा नशा है

ये कैसा नशा है

ये कैसा नशा है जो बहका रहा है,

तुम्हारा हूँ मैं तो संभालो मुझे,

ना जाने फिर कैसे गुजरेगी ज़िन्दगी,

अगर अपने दिल से कभी तुम निकालो मुझे…!!!

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