ये आँखे मेरी कुछ बोलती नही

आज मेरी कलम कुछ बोलती नही ,
दिल में बहुत दर्द है मगर खोलती नही,

कुछ नगमे थे जो दिल में ही रह गए,
कुछ लोग मिले जो पलभर में अपना कह गए,

ये दुनिया है इसके लोग बड़े अजीब है,
देते है धोका उन्ही को जो सबसे जयदा इनके करीब है,

सह लेंगे तेरी हर नाराजगी हम ओ सनम,
ये चहेरा तो कुछ कहता है मेरा मगर आज ये आँखे मेरी कुछ बोलती नही…!!!

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