वो तेरे लिये बना ही नहीं

वो तेरे लिये बना ही नहीं

मैं ने तो बहुत चाह मगर वो मिला ही नही,

लाख कोशिश की मगर फासला मिटा ही नहीं,

उस को मजबूर ज़माने ने इस कदर कर दिया की,

मेरी किसी सदा पर वो ठहरे ही नहीं,

खुदा से झोली फेला के माँगा था उसे,

खुदा ने मेरी किसी दुआ को सुना ही नहीं,

हर एक से पूछा सबब उस के न मिलने का,

हर एक ने कहा वो तेरे लिये बना ही नहीं…!!!

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