वो अफ़साना मौत तक याद रहता हे

वो अफ़साना मौत तक याद रहता हे

दोस्त को दोस्त का इशारा याद रहेता हे,

हर दोस्त को अपना दोस्ताना याद रहेता हे,

कुछ पल सच्चे दोस्त के साथ तो गुजारो,

वो अफ़साना मौत तक याद रहता हे…|

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