उनके आगोश में सर हो

उनके आगोश में सर हो

उस को भी हम से मोहब्बत हो ज़रूरी तो नहीं,
इश्क़ ही इश्क़ की क़ीमत हो ज़रूरी तो नहीं,

नींद तो दर्द के बिस्तर पे भी आ सकती है,
उनके आगोश में सर हो ये ज़रूरी तो नहीं…!!!

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