तुम्हारे लिये रोती है

तुम्हारे लिये रोती है

चाहते है भीगना बरसात में तो,

मेरी इन आँखों में देखो,

ये बरसात तो सब के लिए होती है,

लेकिन-ए-मेरे दोस्त,

ये आँखे सिर्फ तुम्हारे लिये रोती है…

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