तुम हमको भूल ना पाओगी

अबकी बारिश हो और मेरी एक चुटकी धूल न पाओगी,

सावन भी चाहे तो तुम तन्हा झूल न पाओगी,

हम तुमसे हैं दूर गए पर इतना दावा अपना है,

नए रिवाजों मे पड़कर भी तुम हमको भूल ना पाओगी…!!!

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