तू हासिल न हुआ

तुझपे फ़िदा करती हु में सारी जिंदगी,

जिसमे तेरा नाम इस कदर शामिल हुआ,

औरो से वास्ता कैसा ऐ दोस्त,

जब तुझे चाहा और तू हासिल न हुआ…!!!

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