ठोकर खाते हैं और मुस्कुराते हैं

ठोकर खाते हैं और मुस्कुराते हैं,

इस दिल को सब्र करना सिखाता हैं,

हम तो दर्द लेकर भी लोगों को याद करते है,

और लोग दर्द देकर भी भुल जाते हैं…!!!

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