तेरी उम्मीद

तेरी उम्मीद

दिल में अलग सा ये शोर क्यों हैं,

उलझी तेरे मेरे रिश्तो की डोर क्यों है,

जरा गौर से देख तो सही तेरे हाथो में,

मेरे प्यार की छोटी सी लकीर हैं,

फिर तेरी उम्मीद इतनी कमजोर क्यों है…

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