तकदीर थी वो

तकदीर थी वो

भले ही किसी गैर की जागीर थी वो,

पर मेरे ख्वाबों की तस्वीर थी वो,

मुझे मिलती तो कैसे मिलती,

किसी और के हिस्से की तकदीर थी वो…

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