तनहाई में खो जाना

शाम की तनहाई में खो जाना,

किसी की मस्ती में डूब ना जाना,

मिलेगी जरुर कल मंजिल तुम्हे,

अपनी मंजिल को पाकर इस जान को भूल ना जाना..

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