intzaar shayari

किस कदर चाहते थे

किस कदर चाहते थे, तुम्हे बता न सके, चले गए जब मुझे छोड़कर, हम वापस भी बुला न सके, उम्मीद थी कितनी आँखों में तुम्हारी, आँख मिलाने का हौसला जुटा…Read more