रुठकर तारे टूट जाते है

रुठकर तारे टूट जाते है

कभी कभी मोहब्बत में वादे  टूट जाते है,

इश्क के कच्चे धागे टूट जाते है,

झूठ बोलता होगा कभी चाँद भी,

इसलिए तो रुठकर तारे टूट जाते है…!!!

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