सुकून अपने दिल का

सुकून अपने दिल का मैंने खो दिया,

खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया,

जो थी मेरे कभी मुस्कराने की वजह,

आज उसकी कमी ने मेरी पलकों को भिगो दिया…

(1940)

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