संभालूंगा मैं

फूल को छू लिया था, ये ज्यादा रहा,

दोष दोनों का ही ,आधा आधा रहा,

टूटकर गर गिरोगे ,संभालूंगा मैं,

मैं बिखरने ना दूंगा ,ये वादा रहा…!!!

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