ये सांस भी अब आती जाती नही

तकलीफ इस दिल से जाती नही, जिंदगी भी अब मुस्कुराती नही,

अंधेरों में डूबे हुए सुबह शाम, की रोशनी जगमगाती नही,

हर लम्हा है जारी कोई कश्मकश किसी और की सूरत नज़र आती नहीं,

एक तू जो न हो नज़र के सामने मुझे कोई भी और भाति नही,

ये जो खुशियाँ दिखती बहुत पास है, हाथ बड़ाऊ तो ये पास आती नही,

वो तो कहता है मुझसे, हूँ में तेरा बस में उस को कभी आजमाती नही,

तलब हो जा उस के ख्यालों में, ये सांस भी अब आती जाती नही…!!!

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