रोना चाहता हूँ मैं

रोना चाहता हूँ मैं

तेरे दिल के करीब आना चाहता हूँ मैं,

तुझको नहीं और अब खोना चाहता हूँ मैं,

अकेले इस तनहाई का दर्द बर्दाश्त नहीं होता,

एक बार आजा तुझसे लिपट कर रोना चाहता हूँ मैं…

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