मुझको सज़ा देता है

जाने किस बात की मुझको सज़ा देता है,

मेरी हस्ती हुई आँखों को रुला देता है,

एक मुद्दत से खबर भी नहीं तेरी,

कोई इस तरह भी क्या अपने प्यार को भुला देता है…

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