मोहब्बत के सिवा कोई हल नहीं होता

मसला-ए-मोहब्बत का, मोहब्बत के सिवा कोई हल नहीं होता,

प्यार की प्यास बुझाने का ज़रिया कभी जल नहीं होता,

आज ही आ जाओ तुम मिलने को महबूब मेरे,

तुम जानते हो दुनिया-ए-इश्क के कैलेंडर में कभी कल नहीं होता…!!!

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