मिलने को तरसते हैं

खुश नसीब होते हैं बादल,

जो दूर रहकर भी जामने पर बरसते हैं,

और एक बदनसीब हम है,

जो एक ही दुनिया में रहकर भी,

मिलने को तरसते हैं…!

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