मेरा अरमान हो तुम

मेरा अरमान हो तुम

मोहब्बत से मेरी अनजान हो तुम,
मेरी ख़्वाहिश मेरा अरमान हो तुम !!

जुदा हो जिस्म से पर जान हो तुम,
मुक़म्मल इश्क़ की पहचान हो तुम !!

कभी धड़का नहीं गर दिल तुम्हारा,
तो फिर कैसे कहूँ इन्सान हो तुम!!

नहीं समझे मोहब्बत क्या बला है,
नहीं इतने भी अब नादान हो तुम!!

(2003)

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