मैं आज को ही भूल जाता हूँ

हर रोज एक बार ही सही तुम्हें याद मैं कर लेता हुँ,
तुम्हारी बातों को सोच सोच अकेले ही मुस्कुरा लेता हूँ,

कोई देख लेता है अगर मुझे यू हसते हुए कभी तो,
कोई पुरानी बात है कह के मैं हंसी मे उडा देता हूँ,

छिप छिप के तुम्हारी तस्वीर का दीदार कर लेता हूँ,
फिर आँख बंद कर कुछ देर यादों मे डूब जाता हूँ,

कुछ अलग ही एहसास होता है आज भी पुरानी यादों मे,
डूब उन दिनों की याद मे मैं आज को ही भूल जाता हूँ…..!!!

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