कोई मरहम लगाने वाला नही है

कोई मरहम लगाने वाला नही है

दर्द ज़िगर में उठा है, कोई मरहम लगाने वाला नही है,

आग लगी है दिल में, कोई बुझाने वाला नही है,

किस से उम्मीद रखें हम इस भरे जहां में है,

हर किसी ने रुलाया इस क़दर, कोई हंसाने वाला नही है…!!!

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