मजहबों की दिवाली होनी चाहिए

हर बच्चे के चेहरे पे दिखे रोनक,
और बड़ो के चेहरे पे लाली होनी चाहिए,

कोई भी शक्स ना रूठे इस बार,
किसी की भी जेब ना खली होनी चाहिए,

सिर्फ अमीरों की नही इस बार,
गरीबों भी भी आँखे मतवाली होनी चाहिए,

दिल्ली ही नही साहिब.. इस बार,
देश का हर कोना, हर बस्ती दिवाली होनी चाहिए,

इस बार मस्जिदों में दीप जलने चाहिए,
इस बार मंदिरों में कव्वाली होनी चाहिए,

लोगों की तो बहुत देखि है हमने,
इस बार ‘मजहबों की दिवाली’ होनी चाहिए…!!!

सभी भारतवासियों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें…!!!

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