मुझे अपनी प्यारी माँ से मिला दे कोई

मुझे बिस्तर की तो आदत ही नही अपनी गोद मे सुला दे कोई,

शायद आ जाये वो रोना सुनकर मुझे बेबजह रुला दे कोई,

मैने कई रोज से नही खाया उस मोहब्बत से खिला दे कोई,

मुझे ख्वाईश नही मिले दुनिया मुझे मुझे अपनी प्यारी माँ से मिला दे कोई,

(1193)

Share This Shayari With Your Friends