लहू बनकर रग रग में

लहू बनकर रग रग में

दिल को उसकी हसरत से खफा कैसे करूँ,

अपने रब को भूल जाने की खता कैसे करूँ,

लहू बनकर रग रग में बस गये है वो,

लहू को इस ज़िस्म से जुदा कैसे करूँ….!!!

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