क्यों टूट जाता है आइना

क्यों टूट जाता है आइना

क्यों टूट जाता है आइना सूरत तेरी देखकर,

शरमा जाती है चाँदनी नज़र तेरी देखकर,

तू एक पल के इए मुस्कुरा के तो देख इधर,

तेरे चाहने वालों की भीड़ है इस कदर…!!!

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