कितनी बुरी लगती है ये जिंदगी

कितनी बुरी लगती है ये जिंदगी,

जब हम तन्हा महसुस करते है,

मरने के बाद मिलते है चार कंधे,

जीते जी हम एक के लिए तरसते है…!!!

(1948)

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