इश्क तो ख्वाहिश बन जाती है

इश्क तो ख्वाहिश बन जाती है

इश्क वही है जो हो एक तरफ़ा,

इज़हार ऐ इश्क तो ख्वाहिश बन जाती है,

है अगर इश्क तो आँखों में देखो,

जुबां  खोलने से ये नुमाइश बन जाती है…!!!

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