कसुर निगाहों का भी होता है….

कसुर निगाहों का भी होता है….

फिज़ा पर असर हवाओ का होता है,

मोहब्बत पर असर अदाओ का होता है,

कोई ऐसा ही किसी का दिवाना नही होता,

कुछ कसुर तो निगाहों का भी होता है….

(1059)

Share This Shayari With Your Friends