तू भी तो कभी मुझे मनाने के लिए आ

तू भी तो कभी मुझे मनाने के लिए आ

रंजिश ही सही दिल को दुखाने के लिए आ,

आ फिर से मुझे छोड़ जाने के लिए आ,

कुछ तो मेरे इश्क़ का रहने दे भरम,

कभी तू भी तो मुझे मनाने के लिए आ..।

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