कभी राजी तो कभी खफा लगती है

ए जिंदगी बता तु मेरी क्या लगती है,

कभी राजी तो कभी खफा लगती है,

इतना दर्द दिया है तुने मेरे सीने में,

सांस भी लेता हु तो ज़ख्मो को हवा लगती है…!!!

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