जुदाई माँग ली

जुदाई माँग ली

मुझसे नफरत की अजब राह निकाली उसने,

हँसता बसता दिल कर दिया खाली उसने,

मेरे घर की रिवायत से वोह खूब था वाकिफ,

जुदाई माँग ली बन के सवाली उसने…।

(381)

Share This Shayari With Your Friends