इश्क़ की राह में

इश्क़ की राह में

खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं,

दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं,

चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर,

इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं…!

(278)

Share This Shayari With Your Friends