इश्क़ की बूँद की खातिर

इश्क़ की बूँद की खातिर

ज़मीन से आसमान तक,
इश्क़ का ही बोल बाला है,
इश्क़ के करने का लेकिन,
सभी का ढंग निराला है.
इश्क़ करती चकोरी,
चाँद उसके दिल में बसता है.
इश्क़ की बूँद की खातिर,
पपीहा भी तरसता है.

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