हमे सज़ा तो मत दिजिये

इस कदर मेरी दोस्ती का इम्तेहान तो मत लिजिये,

खफ़ा हो क्यों ये तो बता दिजिये,

माफ़ कर दो अगर हो गई हो हमसे कोई भुल,

पर ऐसे याद करके हमे सज़ा तो मत दिजिये..!!!

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