हक़दार हो जाता है

हक़दार हो जाता है

नज़रे मिले तो प्यार हो जाता है,

पलके उठे तो इजहार हो जाता है,

ना जाने क्या कशिश है चाहत में,

की कोई अंजान भी हमारी ज़िन्दगी का,

हक़दार हो जाता है…

(338)

Share This Shayari With Your Friends