हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे

हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे

हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे,

कभी चाहा था किसी ने,तुम ये खुद कहोगे,

न होगे हम तो किसी ने ,तुम ये खुद कहोगे,

मिलेगे बहुत से लेकिन ना हम सा कोई पागल होगा,

तुम ये कहोगे…

(1650)

Share This Shayari With Your Friends