एक अजीब दास्तान है मेरे अफसाने की

एक अजीब दास्तान है मेरे अफसाने की,

मैंने पल पल कोशीश की तेरे पास आने की,

किसमत थी मेरी या साजिश ज़माने की,

दुर हुए इतना जितनी उम्मीद थी करीब आने की…!!!

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