दिवाली एक खुशियों का त्यौहार है

दिवाली एक खुशियों का त्यौहार है,
अंधेरों से उजालों की और बरकरार है,

हर कोई अंधेरे को उजाला करने के लिए तैयार है,
पर जो सावधानी रखे वही समझदार है,

कोई वक़्त का तो कोई खुशियों का तलबगार है,
नजरें बिछा कर बैठा है हर कोई,

सभी को दिवाली के इन पलों का इंतज़ार है,
जी लो इन्हें फिर ना कहना अगले साल का इंतज़ार है…!!!

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