दिल को सही सलामत कर दे

दिल को सही सलामत कर दे

ए खुदा आज तो तू मुझ पर इनायत करदे,

मिला कर आज उनसे शहर में कयामत करदे,

जो नहीं कर सकता तू ये तो फिर से,

मेरे दिल को सही सलामत कर दे…!

(402)

Share This Shayari With Your Friends