दर्द की जब कभी इन्तहा होती

दर्द की जब कभी इन्तहा होती

दर्द की जब कभी इन्तहा होती हैं,

दवा की जरुरत फिर कहाँ होती हैं,

तन्हाई, बेचैनी और बस कुछ आहें,

इनमे पल कर ही मोहब्बत जवां होती हैं…

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