छिपा लें सब कुछ

छिपा लें सब कुछ

इतने माहिर नहीं हैं वो, कि छिपा लें सब-कुछ,
रंग चेहरे के हकीकत का, पता देते हैं !

ख़्वाब तो देखना, पर ज़िक्र न करना उनका,
लोग पलकों से भी ख़्वाबों को, चुरा लेते हैं !

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