जिद्दी शायरी

जिस्म से जुदा कैसे करू

जिस्म से जुदा कैसे करू

दिल को उनकी हसरतो से खफा कैसे करू ? अपने रब को भूल जाने की खता कैसे करू ? लहू बनकर समा गया है वो, लहू को जिस्म से जुदा…Read more
वो बेवफा हो जाएगा

वो बेवफा हो जाएगा

सर झुकाओगे तो पत्थर भी देवता हो जाएगा, इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जाएगा, हम भी दर्या है हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे…Read more
मुझको अच्छा नही लगता

मुझको अच्छा नही लगता

मुझसे बिछड कर बेनाम हो जाओगे, सौदागरों के हाथों नीलाम हो जाओगे, मुझको अच्छा नही लगता, तुम्हारा हर एक से मिलना, हर एक से मिलोगे तो आम हो जाओगे...Read more
रोशन हर रात होती है

रोशन हर रात होती है

क्यों हमें किसी की तलाश होती है, क्यों दिल को किसी की आस होती है, चाँद को देखो वो भी तन्हा है, फिर भी उसकी चाँदनी से, रोशन हर रात…Read more