दीवानी शायरी

ऐसा कोई दिल-दीवाना ढूढ़

ऐसा कोई दिल-दीवाना ढूढ़

इन अजनबियों की भीड़ में अपना कोई दीवाना ढूढ़, शमां के आगोश में समाने को बेताब परवाना ढूढ़, इश्क की प्यास हो जिसमें, ऐसा कोई दिल-दीवाना ढूढ़...Read more
ऊँगली मेरी तरफ उठी ज़माने की

ऊँगली मेरी तरफ उठी ज़माने की

शायरों की महफ़िल में बात चली एक दीवाने की, दिन रात जलने वाले एक पागल परवाने की, मैने सोचा कोई और होगा ये सरफिरा, देखा तो ऊँगली मेरी तरफ उठी…Read more