दर्द-भरी शायरी

जुदाई माँग ली

जुदाई माँग ली

मुझसे नफरत की अजब राह निकाली उसने, हँसता बसता दिल कर दिया खाली उसने, मेरे घर की रिवायत से वोह खूब था वाकिफ, जुदाई माँग ली बन के सवाली उसने...।Read more
चुपचाप बिखर जाया करते हैं

चुपचाप बिखर जाया करते हैं

जो नजर से गुजर जाया करते हैं, वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं, कुछ लोग दर्द को जाहिर नहीं होने देते, बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं...।Read more
दर्द जब हमने उबारा लफ्जों पे

दर्द जब हमने उबारा लफ्जों पे

कागज़ पे हमने भी ज़िन्दगी लिख दी, अश्क से सींच कर उनकी खुशी लिख दी, दर्द जब हमने उबारा लफ्जों पे, लोगों ने कहा वाह क्या गजल लिख दी...।Read more
हर दर्द के निशान

हर दर्द के निशान

हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम, हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम, अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला, ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे…Read more
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे

हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे

वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे, हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे, हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि, हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे...।Read more
खुदा याद आ गया

खुदा याद आ गया

मुझको तो दर्द-ए-दिल का मज़ा याद आ गया, तुम क्यों हुए उदास तुम्हें क्या याद आ गया? कहने को जिंदगी थी बहुत मुख्तसर मगर, कुछ यूँ बसर हुई कि खुदा…Read more
फिर भी क्यूँ वो हुए ना हमारे

फिर भी क्यूँ वो हुए ना हमारे

जिनकी राहों में हमने बिछाए थे सितारे, उनसे कहते है हरपल आंसुओं के सहारे, हो गए है सारे शिकवे कितने किनारे, मगर फिर भी क्यूँ वो हुए ना हमारे...Read more
आँखों मे आँसुओं की लकीर बन गई

आँखों मे आँसुओं की लकीर बन गई

आँखों मे आँसुओं की लकीर बन गई, जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई, हमने तो सिर्फ रेत में उँगलियाँ घुमाई थीं, गौर से देखा तो आप की तस्वीर बन…Read more