बिन महबूब केसी ये दिवाली

बिन महबूब केसी ये दिवाली,
मन उदास दिल खाली है,

तन सुना, सुनी है रात काली,
बिन महबूब केसी ये दिवाली,

कैसे बिछाऊं राह प्यार में,
किस का थामू हाथ,
बिन महबूब मेरा हाथ खाली है,

जगमगाता अपना भी चेहरा,
अगर साथ महबूब का होता,
होती अपनी भी दिवाली…!!!

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