बेदर्द निगाहें हैं

बेदर्द निगाहें हैं

ना कर तमन्ना ये दिल दिल तू किसी को पाने की,

बड़ी बेदर्द निगाहें हैं इस ज़माने की,

खुद को बना ले काबील तू अब इस कदर की रखे,

लोग तमन्ना सिर्फ तुझ ही को पाने की…

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